
भोपाल. शहरवासियों ने अपनी जागरुकता में दो माल में 25 तोला सोना और आधा किलो से अधिक चादी बना दी। यह संभव हुआ है दो साल में शहर से कलेक्ट किए गए ई वेस्ट की सांटिफिक रिसाइकिलिंग से। दो माल पहले प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड एवं सार्थक संस्था की ओर से शुरू की गई ई बेस्ट क्लीनिक और ई बेस्ट एम्थुलेंस से दो साल में 85 मीटिक टन ई वेस्ट कलेक्ट किया गया।
प्रोसेसिंग यूनिट में रिसाइकिल
अलवर की प्रोसेसिंग यूनिट में रिसाइकिल हुआ। सार्थक संस्था के इम्तियाज अली बताते हैं कि शहरवासियों की जागरुकता से एकत्र ई-वेस्ट राजस्थान के अलवर भेजा जाता है जहां के हाईटेक प्लांट में न केवल प्रदूषक तत्व अलग हो जाते है बल्कि इससे सोना चांदी जैसी कीमती घातुएं भी अलग कर ली जाती हैं।
सब्जियां तक दूषित होने का खतरा
ई-वेस्ट पर्यावरण के लिए खतरनाक है, जैसे छोटी सी सिम भी एक लाख लीटर भूजल को दूषित कर सकती है। ऐसे में 86 मीटिक टन ई-वेस्ट से किल्तनी जमीन और भूजल दुषित हो जाता। इससे न केवल जमीन और भूजल दूषित होते यह इन प्रदूषित क्षेत्रों कु आसपास फ़सलों से लेकर सब्जियां तक हेवी मेटल से दूषित पैदा होती।
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Published on:
02 Aug 2021 12:48 pm
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